बड़े लोगों कुछ तो समझो || Bade Logo kuch To Samjho
👧 सौम्या साईकिल चलाती है , दोस्तों के साथ घूमने जाती है , डांस क्लास जाती है ,खूब मजे करती है और आजकल तो स्कूटी भी चलाती है | अपनी लाइफ के 70 % फैसले खुद ही लेती है , और बाकि 30 % अपने माँ , पा ,भाई , बहन ,दादा ,दादी से बात करके और उनकी सलाह से करती है।

पर सौम्या को ये सब करते हुये कोई छुप -छुप के देखता है, कौन है वो जो सौम्या को देखता है ?
पर पूर्वी को अपने 70 % डिसीजन अपने घर वालों की मर्जी से लेने पड़ते हैं और सिर्फ 30 % का वो खुद से डिसीजन लेती है,
मजे का एक किस्सा बताता हूँ शाम को एक पार्टी थी जिसमे सभी पड़ोसियों को इनविटेशन था सौम्या ने पूर्वी की माँ से पूछा कि क्या पूर्वी बर्थडे पार्टी में आ रही है, तो पूर्वी की माँ ने मना कर दिया की वह नहीं आएगी , उसे पार्टीज में जाना पसंद नहीं है ये सब पूर्वी की माँ ने अपने मन से ही कह दिया था।
अचानक पार्टी में कोई नया चेहरा आया ,
वो कौन है जी ?
और कोई नहीं पूर्वी है अपनी दोस्तों के ज़िद करने पर उनके साथ सीधे टूशन से आ गयी
पर उसे तो पता था ही नहीं की उसकी माँ ने तो पहले ही लम्बी लम्बी बाते कह दी है और मना कर दिया है की वो पार्टी में नहीं जाती है । पूर्वी की माँ का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था और वो पूर्वी को बड़ी-बड़ी आँखे दिखने लगी।
इससे पता चलता है की आज की युवा पीढ़ी को अपने ऐसे कितने आसान से डिसीजन लेने के लिए भी परमिसन नहीं मिलती है जो वो ले सकते हैं। इससे युवा पीढ़ी की डिसीजन लेने की एबिलिटी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
माँ शादी में पर बच्चे घर में ,
बच्चे भी शादी में जाना चाहते थे लेकिन माँ ने मना कर दिया और कहा की शादी में जाकर क्या करोगे ?
शादी में किसी ने पूछा तो की बच्चे नहीं आये तो बड़ी शान से कह दिया हमारे बच्चे तो कहीं जाते ही नहीं हैं। उन्हें तो पार्टीज में जाना पसंद नहीं है।
पूर्वी के घर के बाहर से ही बारात जा रही है। सौम्या भी शादी में गयी है पर पूर्वी घर में ही खिड़की से ही एक दो स्टेप कर लेती है क्योंकि शादी में तो जा नहीं सकती ना क्योंकि माँ ने मना जो किया है । ऐसे और कई सरे एक्जाम्पल हो सकते हैं ।
इसका रिजल्ट क्या होगा ?
इसका रिसल्ट ये होगा की यूथ को आप आज तो जैसे-तैसे अपने फैसले मानने पर मजबूर तो कर लेंगे पर तब क्या होगा जब यूथ बड़ा होगा और नौकरी पेशा होगा तब वो अपने डिसिजन लेने के लिए इंडिपेंडेंट होगा।
तब होगा ये की वो आपसे धीरे-धीरे दूरियां बढ़ाने लगेगा और ये सब आपकी ही नाकामियों का परिणाम होगा।
तो बड़ो को क्या करना चहिये ?
बड़ो को चाहिए की वो यूथ को डिसीजन लेने में हेल्प करें उनको डिसीजन लेने में लॉजिक मीन्स
तर्क का यूज करना सिखाये नाकि अपने डिसीजन उन पर थोपे।
यूथ को क्या करना चाहिए ?
यूथ को चाहिए की की वो बड़ो से किसी भी बारे में डिसीजन लेने में लॉजिक का यूज़ करना सीखें क्योंकि बड़ो ने बाल ऐसे ही धूप में तो सफ़ेद नहीं किये है ना 😊 🙏
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