गावँ के सरकारी स्कूल से (आई. ए. एस.) तक का सफर । कृपया लेख को पूरा जरूर पढ़ियेगा, धन्यवाद। जी हाँ जैसा कि आप जानते हैं कि वर्तमान में उत्तराखंड से केंद्र में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल , चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ श्री बिपिन रावत सहित और बहुत से उत्तराखंड वासी जो उच्च और महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।
इसमें एक और नया नाम जुड़ने जा रहा है आई. ए.एस. अधिकारी श्री मंगेश घिल्डियाल का जिन्हें प्रधनमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण अंडर सेकेट्री पद पर नियुक्त किया जाएगा।
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मंगेश घिल्डियाल आई.ए.एस. रैंक
2011 बैच के आई. ए. एस. अधिकारी मंगेश ने आई. ए. एस.
जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा एक नहीं दो बार पास की है। प्रथम बार 2010 में का उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा आई. पी. एस में चयन हुआ था और 2011 में उन्होंने दूसरे प्रयास में उन्होंने आई.ए.एस परीक्षा में (4 वीं आल इंडिया रैंक ) प्राप्त की थी और उन्हें उत्तराखंड कडार मिला था ।
इस परीक्षा में उनके वैकल्पिक विषय भूगोल और फिज़िक्स थे और उन्होंने दोनों रूपों वाली वर्तमान सीसैट और पुरानी बिना सीसैट वाली परीक्षा सफलता पूर्वक चयनित होकर पास की हैं।
मंगेश ने प्रथम बार जिलाधिकारी के रूप में बागेश्वर जिले में सेवाएँ दी और अपने काम से लोगों के दिलों में ऐसी जगह बनाई की जब उनको जिलाधिकारी के रूप में रुद्रप्रयाग भेजा गया तो बागेश्वर जिले की जनता ने सड़कों पर आकर उनसे जिले से ना जाने तक की अपील तक की थी। माना जा रहा है कि रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी के रूप में मिले केदारनाथ धाम पुनरुद्धार के कार्य को बहुत ही बेहतरीन तरीके से करवाने के कारण वे केंद्र सरकार की सरकार की नज़रों में आये और उन्हें पीएमओ में अंडर सेकेट्री जैसे महत्वपूर्ण पद से अब एक नयी ऊर्जा से देश सेवा के रास्ते पर बढ़ने का मौका मिल रहा है।
मंगेश घिल्डियाल एजुकेशन
मंगेश का जन्म के उत्तराखंड में हुआ। उनके पिता शिक्षक है और माता जी गृहणी हैं। मंगेश ने कुमाऊँ यूनिवर्सिटी रामनगर डिग्री कॉलेज से बीएससी मैथेमैटिक्स और फिर डीएसबी कैंपस नैनीताल से फिजिक्स से एमएससी की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की ।
इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित गेट परीक्षा पास कर मध्यप्रदेश इंदौर के देवी अहिल्या कॉलेज से एमटेक की डिग्री ली उसके बाद मंगेश ने देश की प्रतिष्ठित संस्था डी.आर.डी.ओ में लेज़र तकनिकी वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दी उसके बाद उनका चयन 24 वर्ष की आयु में 2011 आई. ए. एस में हो गया ।
मंगेश के बारे में अखबारों में छपने वाली खबरों से पता चलता है कि उन्हें मुश्किल काम ज्यादा पसंद आते हैं । जिस जिले में भी उन्हें नियुक्ति मिली उस जिले के सुदूर दुर्गम ग्रामीण पहाड़ी क्षेत्रों में तक जाकर कभी-कभी तो 15 से 20 किलोमीटर पैदल पहुंचकर गांव में लोगों की समस्याओं को सुना और हल किया। और यह उन्हें पसंद भी है ।
इस ही कारण मंगेश आज भी गांव की संस्कृति से जुड़े हुए हैं और लोगों के जीवन स्तर को सुधारने का दिन रात प्रयास करते दिखाई देते रहे हैं। इसके लिए वो कई बार अपना भेष बदलकर भी लोगों की समस्याएं जानने उनके बीच पहुंचे हैं।
आज 7 वर्ष के कम समय में ही उन्होंने केंद्र में इस पद पर पहुँच कर प्रदेश सहित देश के युवाओं को ये प्रेरणा दी है कि आप कड़ी मेहनत करें और सकारात्मक रिजल्ट दे तो कम उम्र भी आपकी तरक्की में बाधा नहीं डाल सकती है ।
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पहार से.कॉम ( Pahar Se.com )

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